“हुंडई ने भारत में अपनी फ्लैगशिप SUV टक्सन को पूरी तरह बंद कर दिया है, जहां नई बुकिंग बंद हो चुकी हैं और सिर्फ मौजूदा स्टॉक तक बिक्री होगी। कम बिक्री, कड़ी प्रतिस्पर्धा और डिजाइन की कमियां मुख्य वजहें हैं, जबकि कंपनी अब नई SUVs और EVs पर फोकस कर रही है। विकल्पों में टोयोटा फॉर्च्यूनर और महिंद्रा XUV700 जैसे मॉडल्स मजबूत हैं।”
हुंडई मोटर इंडिया ने अपनी प्रीमियम SUV टक्सन को बाजार से हटा लिया है, जहां चौथी पीढ़ी का यह मॉडल महज तीन साल बाद ही बंद हो गया। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से इसे डिलिस्ट कर दिया गया है, जिससे नए ऑर्डर लेना बंद हो चुका है। डीलरशिप्स पर उपलब्ध स्टॉक को क्लियर करने तक ही बिक्री जारी रहेगी, लेकिन नए प्रोडक्शन की कोई योजना नहीं है। यह फैसला कम मांग और बाजार की बदलती प्राथमिकताओं के चलते लिया गया, जहां टक्सन की औसत मासिक बिक्री 100-150 यूनिट्स से ज्यादा नहीं पहुंच पाई।
टक्सन को 2022 में लॉन्च किया गया था, जहां इसकी एक्स-शोरूम कीमत 27.32 लाख से 35.46 लाख रुपये तक थी। पेट्रोल और डीजल दोनों इंजन ऑप्शंस के साथ उपलब्ध यह SUV प्रीमियम फीचर्स से लैस थी, जैसे कि लेवल-2 ADAS, 360-डिग्री कैमरा, पैनोरमिक सनरूफ और वायरलेस चार्जिंग। डीजल वैरिएंट में AWD सिस्टम भी मिलता था, जो ऑफ-रोड कैपेबिलिटी बढ़ाता था। लेकिन फिर भी, यह सेगमेंट में टोयोटा फॉर्च्यूनर जैसी गाड़ियों से मुकाबला नहीं कर पाई, जहां फॉर्च्यूनर की मासिक बिक्री 2,000 यूनिट्स से ऊपर रहती है।
बंद होने के 5 बड़े कारण
टक्सन की असफलता के पीछे कई फैक्टर्स हैं, जो भारतीय बाजार की वास्तविकताओं को दर्शाते हैं:
कम रोड प्रेजेंस और डिजाइन की कमी : टक्सन की ऊंचाई और क्रॉसओवर-जैसी स्टाइलिंग भारतीय SUV खरीदारों को पसंद नहीं आई, जो ज्यादा मस्कुलर और ऊंची गाड़ियां जैसे महिंद्रा XUV700 या टाटा सफारी पसंद करते हैं। इसकी लो-स्लंग डिजाइन ने इसे सामान्य कार जैसा बना दिया, जबकि प्रतिस्पर्धी मॉडल्स ज्यादा कमांडिंग लुक देते हैं।
उच्च कीमत के मुकाबले कम वैल्यू : 30-35 लाख रुपये के सेगमेंट में टक्सन फीचर्स से भरपूर थी, लेकिन कीमत ज्यादा होने से यह एंट्री-लक्जरी SUVs जैसे Volkswagen Tiguan या Skoda Kodiaq से पिछड़ गई। साथ ही, मास-मार्केट SUVs जैसे MG Hector या Kia Carnival की तुलना में यह कम स्पेसियस लगती थी।
बिक्री में लगातार गिरावट : लॉन्च के बाद शुरुआती महीनों में 300-400 यूनिट्स बिकीं, लेकिन 2025 तक यह 85 यूनिट्स तक सिमट गई। EVs और हाइब्रिड ट्रेंड्स के चलते ICE SUVs की डिमांड कम हुई, और हुंडई खुद Ioniq 5 जैसे EVs पर शिफ्ट हो रही है।
प्रतिस्पर्धा का दबाव : इस सेगमेंट में Toyota Fortuner का दबदबा है, जो रिलायबिलिटी और रिसेल वैल्यू के लिए जाना जाता है। साथ ही, BYD Seal या Hyundai की ही Alcazar जैसी सस्ती ऑप्शंस ने ग्राहकों को आकर्षित किया।
फेसलिफ्ट का भारत में न आना : ग्लोबली फेसलिफ्टेड टक्सन को 2024 में अनवील किया गया, लेकिन भारत में CKD सेटअप की देरी और कम डिमांड के चलते इसे नहीं लाया गया। कंपनी अब 2027 में NI1i जैसी नई SUV पर फोकस कर रही है, जो XUV700 से मुकाबला करेगी।
बाजार पर प्रभाव
टक्सन के बंद होने से हुंडई की ICE लाइनअप में Alcazar के ऊपर गैप आ गया है, जहां अब कंपनी EVs और हाइब्रिड्स पर जोर दे रही है। मौजूदा ओनर्स के लिए स्पेयर्स की कोई समस्या नहीं होगी, क्योंकि Hyundai Mobis का पार्ट्स नेटवर्क मजबूत है। लेकिन जो ग्राहक प्रीमियम SUV चाहते हैं, वे अब Genesis ब्रांड की ओर देख सकते हैं, जो 2026 में भारत में लॉन्च होगी। इससे लक्जरी सेगमेंट में Mercedes-Benz या BMW से मुकाबला बढ़ेगा।
स्टॉक क्लियरेंस में डिस्काउंट्स की उम्मीद है, जहां डीलर्स 2-3 लाख रुपये तक की छूट दे सकते हैं। लेकिन जल्दी फैसला लें, क्योंकि स्टॉक सीमित है और डिमांड बढ़ने पर कीमतें स्थिर रह सकती हैं।
विकल्पों की तुलना
अगर आप टक्सन जैसी SUV ढूंढ रहे हैं, तो यहां कुछ ऑप्शंस की तुलना:
| मॉडल | इंजन ऑप्शंस | कीमत रेंज (एक्स-शोरूम) | मुख्य फीचर्स | मासिक बिक्री (औसत) |
|---|---|---|---|---|
| Toyota Fortuner | डीजल (2.8L) | 33-51 लाख | 4×4, 7-सीटर, हाई रिलायबिलिटी | 2,500+ |
| Mahindra XUV700 | पेट्रोल/डीजल | 14-26 लाख | ADAS, पैनोरमिक सनरूफ, AWD | 8,000+ |
| Tata Safari | डीजल (2.0L) | 16-27 लाख | 6/7-सीटर, इंफोटेनमेंट, सेफ्टी | 4,000+ |
| Volkswagen Tiguan | पेट्रोल (2.0L) | 35-40 लाख | AWD, प्रीमियम इंटीरियर, डायनामिक ड्राइव | 200-300 |
| Kia Sportage | पेट्रोल/डीजल (अपकमिंग) | 25-35 लाख (अनुमानित) | हाइब्रिड ऑप्शन, स्पोर्टी डिजाइन | N/A (लॉन्च Pending) |
ये विकल्प टक्सन की कमियों को कवर करते हैं, जैसे कि ज्यादा स्पेस, बेहतर ऑफ-रोडिंग और किफायती कीमतें। Fortuner रिसेल वैल्यू में टॉप है, जबकि XUV700 फीचर्स से आगे।
भविष्य की योजनाएं
हुंडई अब बड़े SUVs पर काम कर रही है, जैसे कि Palisade जो MPV-जैसी स्पेस देगी। साथ ही, Talegaon प्लांट में NI1i का प्रोडक्शन 2027 से शुरू होगा, जो हाइब्रिड टेक्नोलॉजी और ऑफ-रोड फीचर्स के साथ आएगी। EVs में Ioniq 5 और Creta EV का विस्तार होगा, जहां 2026 तक 26 नए मॉडल्स लॉन्च करने की योजना है। इससे भारतीय बाजार में हुंडई की पोजिशन मजबूत होगी, खासकर 20-40 लाख सेगमेंट में।
टक्सन के बंद होने से सीख मिलती है कि भारतीय ग्राहक डिजाइन, वैल्यू और प्रेजेंस को प्राथमिकता देते हैं, जो कंपनियों को लोकल टेस्ट के मुताबिक बदलाव करने पर मजबूर करेगा।
Disclaimer: यह लेख हालिया रिपोर्ट्स, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और बाजार विश्लेषण पर आधारित है। यह कोई आधिकारिक बयान नहीं है और निवेश या खरीदारी के लिए सलाह नहीं माना जाए।