Gold-Silver Price Crash: सोमवार से बढ़ जाएगा सोना-चांदी खरीदने का मार्जिन, एक्सचेंज ने लिया ये बड़ा फैसला

“एमसीएक्स पर सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज हुई, जहां सोना 12% गिरकर ₹1,49,075 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ और चांदी 27% टूटकर ₹2,91,922 प्रति किलो पर पहुंची। एक्सचेंज ने मार्जिन बढ़ाने का फैसला लिया, जो सोमवार से लागू होगा, जिससे ट्रेडर्स पर दबाव बढ़ेगा। वैश्विक बाजार में भी सोना $5,143 प्रति औंस पर गिरा, जबकि चांदी में रिकॉर्ड गिरावट आई। कारणों में प्रॉफिट बुकिंग, मजबूत डॉलर और फेड चेयर नॉमिनेशन शामिल हैं।”

एमसीएक्स पर शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट देखी गई, जो दशकों की सबसे बड़ी एक दिवसीय गिरावट साबित हुई। सोने के फरवरी फ्यूचर्स 12% या ₹20,514 गिरकर ₹1,49,075 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुए, जबकि चांदी के मार्च फ्यूचर्स 27% या ₹1,07,968 टूटकर ₹2,91,922 प्रति किलो पर पहुंचे। यह गिरावट रिकॉर्ड हाई से आई, जहां चांदी ने ₹4 लाख प्रति किलो का स्तर छुआ था और सोना ₹1,69,403 प्रति 10 ग्राम पर था। वैश्विक स्तर पर स्पॉट गोल्ड 4.7% गिरकर $5,143.40 प्रति औंस पर आया, जबकि सिल्वर में 19% की गिरावट दर्ज हुई, जो ₹3,12,000 प्रति किलो पर दिल्ली में पहुंची।

यह क्रैश कई फैक्टर्स से प्रभावित हुआ, जिसमें निवेशकों द्वारा प्रॉफिट बुकिंग प्रमुख रही। 2026 की शुरुआत से सोना 24% और चांदी 58% ऊपर थी, लेकिन शुक्रवार को बाजार में अचानक बिकवाली का दौर चला। यूएस डॉलर की मजबूती ने भी दबाव बढ़ाया, क्योंकि मजबूत डॉलर से विदेशी निवेशकों के लिए सोना-चांदी महंगा हो जाता है। यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फेड चेयर के रूप में केविन वार्श को नॉमिनेट करने की खबर ने बाजार को हिला दिया, क्योंकि वार्श को इंफ्लेशन हॉक माना जाता है, जो रेट कट की उम्मीदों को कम करता है। इससे डॉलर इंडेक्स में उछाल आया और प्रेशर मेटल्स पर पड़ा।

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एक्सचेंज की ओर से बड़ा फैसला लिया गया है, जहां सीएमई ग्रुप ने गोल्ड फ्यूचर्स के लिए मार्जिन को 6% से बढ़ाकर 8% कर दिया और सिल्वर के लिए 11% से 15% तक। यह बदलाव सोमवार, 2 फरवरी 2026 से लागू होगा। ऊंचे मार्जिन का मतलब है कि ट्रेडर्स को पोजिशन लेने के लिए ज्यादा कैपिटल लगाना पड़ेगा, जो लीवरेज को कम करेगा और वोलेटिलिटी को कंट्रोल करेगा। ऊंचे रिस्क प्रोफाइल के लिए गोल्ड मार्जिन 8.8% और सिल्वर 16.5% तक पहुंचेगा। यह फैसला हाल की वाइल्ड रैली के बाद लिया गया, जहां सिल्वर ने रिकॉर्ड हाई छुआ था।

भारतीय बाजार में शहरों के अनुसार कीमतें भी प्रभावित हुईं। दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड ₹1,69,340 प्रति 10 ग्राम पर रहा, जबकि मुंबई में ₹1,69,190 और हैदराबाद में ₹1,69,200 पर। सिल्वर दिल्ली और मुंबई में ₹3,94,900 प्रति किलो पर ट्रेड हुई, जबकि चेन्नई और केरल में ₹4,05,000 प्रति किलो पर। यह गिरावट बजट 2026 से पहले आई, जहां फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण से कस्टम ड्यूटी में कटौती की उम्मीद है, लेकिन क्रैश ने सेंटिमेंट को प्रभावित किया।

कीमतों में गिरावट के प्रमुख कारण:

प्रॉफिट बुकिंग: निवेशकों ने रिकॉर्ड हाई पर मुनाफा वसूल किया, जिससे बिकवाली बढ़ी। पिछले दो साल में गोल्ड 150% और सिल्वर 326% ऊपर था।

मजबूत यूएस डॉलर: डॉलर इंडेक्स में उछाल से प्रेशर मेटल्स डॉलर-डिनॉमिनेटेड होते हैं, इसलिए महंगे हो गए।

फेड नॉमिनेशन: केविन वार्श की नॉमिनेशन से इंफ्लेशन कंट्रोल की उम्मीद बढ़ी, जो गोल्ड-सिल्वर के लिए नेगेटिव है।

मार्जिन हाइक: एक्सचेंज के फैसले से ट्रेडर्स की भागीदारी कम होगी, जो कीमतों पर दबाव डालेगा।

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ग्लोबल अनिश्चितता: टैरिफ थ्रेट्स और जियोपॉलिटिकल टेंशन से शुरुआती रैली आई, लेकिन स्टेबिलिटी सिग्नल्स से क्रैश हुआ।

एमसीएक्स पर हाल की कीमतें (31 जनवरी 2026 तक):

कमोडिटीकॉन्ट्रैक्टक्लोजिंग प्राइस% चेंजवॉल्यूम
गोल्डफरवरी₹1,49,075/10g-12%उच्च
सिल्वरमार्च₹2,91,922/किलो-27%रिकॉर्ड
गोल्डअप्रैल₹1,52,345/10g-8.2%मध्यम
सिल्वरमई₹3,04,000/किलो-18%उच्च

यह टेबल दिखाती है कि गिरावट सभी कॉन्ट्रैक्ट्स में फैली, लेकिन मार्च सिल्वर सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। वॉल्यूम में उछाल से पता चलता है कि पैनिक सेलिंग हुई।

ट्रेडर्स के लिए यह फैसला चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि ऊंचा मार्जिन छोटे निवेशकों को बाहर कर सकता है। उदाहरण के लिए, ₹1 लाख की पोजिशन के लिए अब 8% मार्जिन यानी ₹8,000 लगेंगे, पहले के 6% यानी ₹6,000 से ज्यादा। सिल्वर में यह और भी ज्यादा, 15% तक। इससे स्पेकुलेटिव ट्रेडिंग कम होगी, लेकिन लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स के लिए स्टेबिलिटी आएगी।

वैश्विक स्तर पर, सिल्वर की गिरावट 30% से ज्यादा रही, जो 1980 के बाद सबसे बड़ी है। गोल्ड का क्रैश 13 साल का सबसे बड़ा। बाजार कैप में $5 ट्रिलियन का नुकसान हुआ, जिसमें गोल्ड से $3.5 ट्रिलियन और सिल्वर से $1.5 ट्रिलियन। फिर भी, साल की शुरुआत से गोल्ड $3 ट्रिलियन और सिल्वर $2 ट्रिलियन ऊपर है।

मार्जिन हाइक का प्रभाव:

ट्रेडर्स पर: ज्यादा कैपिटल की जरूरत से लीवरेज कम होगा, जो रिस्क को घटाएगा लेकिन ऑपर्चुनिटी भी।

कीमतों पर: शॉर्ट-टर्म में दबाव, लेकिन वोलेटिलिटी कम होने से स्टेबल रैली की संभावना।

इन्वेस्टर्स के लिए: ईटीएफ जैसे Nippon India ETF Gold BeES में 5.3% गिरावट आई, लेकिन लॉन्ग-टर्म में सेफ हेवन बने रहेंगे।

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इंडस्ट्री पर: ज्वेलरी सेक्टर में डिमांड प्रभावित हो सकती है, क्योंकि हाई प्राइस से पहले ही स्लोडाउन था।

ग्लोबल इकोनॉमी: सेंट्रल बैंक डॉलर से दूर हो रहे हैं, जो प्रेशर मेटल्स को सपोर्ट करेगा।

बजट 2026 में कस्टम ड्यूटी कट की उम्मीद से रिकवरी हो सकती है, लेकिन मार्जिन हाइक से सावधानी बरतनी होगी। टेक्निकल एनालिसिस से सिल्वर का सपोर्ट ₹2,92,000-₹3,04,000 पर है, जबकि गोल्ड का ₹1,49,500 पर। अगले हफ्ते ट्रेडिंग रेंज गोल्ड के लिए $4,780-$5,260 और सिल्वर के लिए $95-$107 रह सकती है।

शहरों के अनुसार लेटेस्ट रेट्स (31 जनवरी 2026):

शहर24 कैरेट गोल्ड (प्रति 10g)22 कैरेट गोल्ड (प्रति 10g)सिल्वर (प्रति किलो)
दिल्ली₹1,69,340₹1,55,240₹3,94,900
मुंबई₹1,69,190₹1,55,090₹3,94,900
हैदराबाद₹1,69,200₹1,55,100₹4,04,900
चेन्नई₹1,69,340₹1,55,240₹4,05,000
कोलकाता₹1,69,190₹1,55,090₹3,94,900

यह रेट्स सराफा एसोसिएशन से हैं, जो टैक्स समेत हैं। गिरावट से खरीदारी का मौका मिल सकता है, लेकिन वोलेटिलिटी ज्यादा है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि क्रैश के बाद कंसॉलिडेशन होगा, लेकिन 2026 में गोल्ड $6,000 प्रति औंस और सिल्वर नए हाई छू सकता है। मार्जिन हाइक से मार्केट स्टेबलाइज होगा, लेकिन ट्रेडर्स को रिस्क मैनेजमेंट पर फोकस करना चाहिए।

Disclaimer: यह एक न्यूज रिपोर्ट है, जो विभिन्न सोर्सेज और टिप्स पर आधारित है।

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