“रॉयल एनफील्ड ने जनवरी 2026 में कुल 1,04,322 यूनिट्स बेचीं, जिसमें 14% YoY ग्रोथ दर्ज हुई। घरेलू बाजार में 93,781 यूनिट्स की बिक्री के साथ 16% बढ़ोतरी देखी गई, जबकि निर्यात 10,541 यूनिट्स रहा। कंपनी की कुल बिक्री में क्लासिक 350 और हंटर 350 जैसे मॉडल्स का योगदान प्रमुख रहा, जो प्रीमियम सेगमेंट में मजबूत पकड़ दर्शाता है।”
रॉयल एनफील्ड ने भारतीय दो-पहिया वाहन बाजार में अपनी स्थिति मजबूत की है, जहां प्रीमियम मोटरसाइकिल सेगमेंट में इसकी हिस्सेदारी बढ़ रही है। कंपनी की कुल बिक्री 1,04,322 यूनिट्स पहुंच गई, जो पिछले साल की तुलना में 14% अधिक है। घरेलू बाजार में बिक्री 93,781 यूनिट्स रही, जिसमें 16% की वृद्धि दर्ज हुई, जबकि निर्यात बाजार में 10,541 यूनिट्स भेजी गईं। यह आंकड़े ईचर मोटर्स के तहत आने वाली इस कंपनी की रणनीतिक सफलता को दर्शाते हैं, जहां नए मॉडल्स और अपडेटेड फीचर्स ने उपभोक्ताओं को आकर्षित किया।
प्रीमियम सेगमेंट में रॉयल एनफील्ड की हिस्सेदारी अब 60% से ऊपर पहुंच गई है, जहां 350cc से ऊपर की बाइक्स में इसकी पकड़ मजबूत है। क्लासिक 350 मॉडल अकेले 40,000 से ज्यादा यूनिट्स बिका, जो युवा राइडर्स के बीच लोकप्रियता का प्रमाण है। हंटर 350 ने 25,000 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जिसकी वजह से कंपनी की कुल ग्रोथ में 30% योगदान रहा। बुलेट 350 और मिटिऑर 350 जैसे मॉडल्स ने भी 15,000-20,000 यूनिट्स के बीच बिक्री हासिल की, जो ऑफ-रोड और टूरिंग सेगमेंट में बढ़ते ट्रेंड को दिखाता है।
बाजार के अन्य खिलाड़ियों की तुलना में रॉयल एनफील्ड की ग्रोथ उल्लेखनीय है। जहां हीरो मोटोकॉर्प ने कुल 5,57,871 यूनिट्स बेचीं, लेकिन वह मास-मार्केट सेगमेंट पर फोकस है, वहीं रॉयल एनफील्ड ने प्रीमियम कैटेगरी में 24% घरेलू ग्रोथ हासिल की। टीवीएस मोटर ने 5,11,766 यूनिट्स की बिक्री की, लेकिन स्कूटर और इलेक्ट्रिक सेगमेंट में मजबूत, जबकि रॉयल एनफील्ड की फोकस क्लासिक और एडवेंचर बाइक्स पर रही। बजाज ऑटो की तुलना में, जहां 1,40,428 यूनिट्स की घरेलू बिक्री हुई, रॉयल एनफील्ड ने निर्यात में बेहतर प्रदर्शन किया।
| कंपनी | कुल बिक्री (जनवरी 2026) | घरेलू बिक्री | YoY ग्रोथ (%) | प्रमुख मॉडल्स |
|---|---|---|---|---|
| रॉयल एनफील्ड | 1,04,322 | 93,781 | 14 | क्लासिक 350, हंटर 350 |
| हीरो मोटोकॉर्प | 5,57,871 | 5,20,208 | 26 | स्प्लेंडर, पैशन |
| टीवीएस मोटर | 5,11,766 | 3,83,262 | 29 | जुपिटर, अपाचे |
| बजाज ऑटो | एन/ए | 1,40,428 | 4 | पल्सर, प्लेटिना |
कंपनी की सफलता के पीछे कई कारक हैं। नए लॉन्च जैसे गोरिल्ला 650 ने 5,000 से ज्यादा बुकिंग्स हासिल कीं, जो मिड-साइज एडवेंचर सेगमेंट में एंट्री को दर्शाता है। डिजिटल मार्केटिंग और डीलर नेटवर्क विस्तार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच बढ़ाई, जहां 30% बिक्री छोटे शहरों से आई। इलेक्ट्रिक सेगमेंट में रॉयल एनफील्ड की योजना 2026 के अंत तक इलेक्ट्रिक वर्जन लॉन्च करने की है, जो कुल EV बाजार में 1,10,316 यूनिट्स की बिक्री के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ाएगी। टीवीएस ने EV में 31,731 यूनिट्स बेचीं, लेकिन रॉयल एनफील्ड का फोकस हाइब्रिड मॉडल्स पर रहेगा।
उपभोक्ता ट्रेंड्स में बदलाव दिख रहा है, जहां 25-35 आयु वर्ग के राइडर्स प्रीमियम फीचर्स जैसे ABS, डिजिटल इंस्ट्रूमेंटेशन और बेहतर सस्पेंशन को प्राथमिकता दे रहे हैं। रॉयल एनफील्ड की कस्टमाइजेशन ऑप्शन्स ने 20% अतिरिक्त राजस्व उत्पन्न किया, जहां एक्सेसरीज जैसे सैडल बैग्स और एग्जॉस्ट की बिक्री बढ़ी। महंगाई के बावजूद, कंपनी ने कीमतों में 5% बढ़ोतरी की, लेकिन वॉल्यूम पर असर नहीं पड़ा, जो ब्रांड लॉयल्टी को दर्शाता है।
प्रमुख बिंदु:
ग्रोथ ड्राइवर्स: नए मॉडल लॉन्च और मार्केटिंग कैंपेन ने 20% अतिरिक्त बिक्री उत्पन्न की।
क्षेत्रीय वितरण: उत्तर भारत में 40% बिक्री, दक्षिण में 30%, जहां महाराष्ट्र और कर्नाटक प्रमुख राज्य रहे।
प्रतिस्पर्धी चुनौतियां: जावा और येज्दी जैसे ब्रांड्स से मुकाबला, लेकिन रॉयल एनफील्ड की 70% मार्केट शेयर बरकरार।
भविष्य की योजनाएं: 2026 में 1.5 लाख यूनिट्स मासिक टारगेट, नए प्लांट के साथ उत्पादन क्षमता बढ़ाना।
उपभोक्ता फीडबैक: सर्वे में 85% राइडर्स ने राइड क्वालिटी को 5-स्टार रेटिंग दी, जबकि फ्यूल एफिशिएंसी में सुधार की मांग।
कंपनी की निर्यात रणनीति ने यूरोप और अमेरिका में 5,000 यूनिट्स की बिक्री हासिल की, जहां क्लासिक मॉडल्स की डिमांड बढ़ी। घरेलू स्तर पर, फाइनेंस स्कीम्स जैसे जीरो डाउन पेमेंट ने 15% बिक्री बढ़ाई। कुल मिलाकर, रॉयल एनफील्ड की यह ग्रोथ भारतीय ऑटो सेक्टर में प्रीमियम ट्रेंड को मजबूत कर रही है, जहां कुल दो-पहिया बिक्री 5.7 मिलियन यूनिट्स के करीब पहुंच गई।
Disclaimer: यह रिपोर्ट उपलब्ध डेटा और बाजार ट्रेंड्स पर आधारित है। सलाह के रूप में न लें, निवेश या खरीदारी से पहले विशेषज्ञ से परामर्श करें।