मुथूट फाइनेंस के शेयर में 11% की गिरावट, प्रॉफिट दोगुना होने के बावजूद; ब्रोकरेज फर्मों ने दिए हाई टार्गेट, अब खरीदें या इंतजार करें?

“मुथूट फाइनेंस ने Q3 FY26 में शुद्ध लाभ 95% बढ़ाकर 2,656 करोड़ रुपये किया, जबकि AUM 48% उछलकर 1.65 लाख करोड़ पहुंचा। फिर भी शेयर 11-14% तक गिरा। ब्रोकरेज फर्मों जैसे जेफरीज, नुवामा और CLSA ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी और टार्गेट प्राइस 4,500 से 4,750 रुपये तक दिए, जो 25-30% अपसाइड दिखाते हैं। गिरावट की वजह कमाई की क्वालिटी पर सवाल और गोल्ड प्राइस वोलेटिलिटी है।”

मुथूट फाइनेंस के शेयर में 11% की गिरावट, प्रॉफिट दोगुना होने के बावजूद; ब्रोकरेज फर्मों को तेजी की उम्मीद; चेक करें टार्गेट

मुथूट फाइनेंस लिमिटेड के शेयरों में 13 फरवरी 2026 को भारी गिरावट दर्ज की गई। कंपनी ने 12 फरवरी को Q3 FY26 (अक्टूबर-दिसंबर 2025) के नतीजे जारी किए, जिनमें स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 94.9% YoY बढ़कर 2,656 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 1,363 करोड़ रुपये था। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 64% बढ़कर 4,467 करोड़ रुपये पहुंची।

कंसॉलिडेटेड स्तर पर लोन एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 48% YoY बढ़कर 1,64,720 करोड़ रुपये हो गया। स्टैंडअलोन AUM 51% बढ़कर 1.47 लाख करोड़ रुपये रहा, जिसमें गोल्ड लोन सेगमेंट का योगदान 1.39 लाख करोड़ रुपये (50% YoY ग्रोथ) रहा। कंपनी के पास 205 टन सोना गिरवी रखा हुआ था, जिसकी वैल्यू 2,501 अरब रुपये थी।

सब्सिडियरी मुथूट मनी में AUM 168% YoY बढ़कर 8,003 करोड़ रुपये हो गया, जबकि रेवेन्यू 222% उछलकर 862 करोड़ रुपये और प्रॉफिट 203 करोड़ रुपये रहा (पिछले साल घाटा था)। 9 महीने (9M FY26) में कंसॉलिडेटेड PAT 84% बढ़कर 7,209 करोड़ रुपये हो गया।

शेयर की गिरावट के प्रमुख कारण

निवेशकों में कमाई की स्थिरता पर संदेह: Q3 प्रॉफिट में बड़ा हिस्सा NPA रिकवरी और इंटरेस्ट इनकम राइट-बैक से आया, जो वन-ऑफ था। कोर मार्जिन सीक्वेंशियल आधार पर नरम हुए।

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गोल्ड प्राइस में वोलेटिलिटी: गोल्ड लोन NBFC होने से शेयर गोल्ड रेट्स से सीधे प्रभावित होता है। हालिया ग्लोबल बुलियन सेल-ऑफ ने दबाव बढ़ाया।

एक्टिव कस्टमर एडिशन में धीमापन और प्रोविजन में बदलाव: ग्रॉस स्टेज-3 लोन रेशियो में सुधार (1.6% तक) आया, लेकिन कुछ ब्रोकरेज ने सस्टेनेबिलिटी पर सवाल उठाए।

मार्केट सेंटिमेंट: शेयर इंट्राडे में 3,576-3,577 रुपये के लो पर पहुंचा, जो पिछले क्लोज 4,066.90 रुपये से 11-14% नीचे था।

ब्रोकरेज फर्मों की राय और टार्गेट प्राइस

ब्रोकरेज फर्मों ने गिरावट को खरीदारी का मौका माना है। अधिकांश ने ‘Buy’ या पॉजिटिव रेटिंग बरकरार रखी।

जेफरीज : ‘Buy’ रेटिंग बरकरार, टार्गेट प्राइस 4,500 से बढ़ाकर 4,750 रुपये। Q3 PAT 98% YoY बढ़ा, AUM ग्रोथ मजबूत।

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज : ‘Buy’ रेटिंग, टार्गेट 4,700 रुपये (पहले से रिवाइज्ड)। AUM में 12% QoQ और 50% YoY ग्रोथ, NIM में सुधार।

CLSA : ‘Outperform’, टार्गेट 4,600 रुपये।

मोतीलाल ओसवाल : ‘Neutral’, टार्गेट 4,500 रुपये (रिवाइज्ड)। FY26-28 EPS अनुमान बढ़ाए, लेकिन गोल्ड प्राइस डिपेंडेंसी पर चिंता।

ये टार्गेट करंट लेवल (लगभग 3,580-3,610 रुपये) से 25-30% अपसाइड दिखाते हैं। ब्रोकरेज का मानना है कि गोल्ड लोन डिमांड मजबूत रहेगी, अनसिक्योर्ड क्रेडिट की कमी और ब्रांच एक्सपैंशन से फायदा होगा।

मुख्य फाइनेंशियल हाइलाइट्स (Q3 FY26)

निवेशकों के लिए क्या मायने

पैरामीटरQ3 FY26Q3 FY25YoY बदलाव
स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट2,656 करोड़1,363 करोड़+95%
नेट इंटरेस्ट इनकम (NII)4,467 करोड़2,721 करोड़+64%
कंसॉलिडेटेड AUM1,64,720 करोड़1,11,308 करोड़+48%
स्टैंडअलोन AUM1.47 लाख करोड़+51%
गोल्ड लोन AUM1.39 लाख करोड़+50%
9M FY26 कंसॉलिडेटेड PAT7,209 करोड़3,908 करोड़+84%

गिरावट के बावजूद मजबूत फंडामेंटल्स हैं। गोल्ड लोन सेक्टर में लीडर होने से लॉन्ग टर्म ग्रोथ संभावना बनी हुई है। लेकिन शॉर्ट टर्म में गोल्ड प्राइस और रिकवरी की सस्टेनेबिलिटी पर नजर रखें। ब्रोकरेज की पॉजिटिव राय डिप में खरीदारी का संकेत देती है।

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डिस्क्लेमर : यह न्यूज रिपोर्ट और मार्केट एनालिसिस पर आधारित है। निवेश से पहले अपनी रिसर्च करें या फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें। मार्केट रिस्की है।

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