“बॉम्बे हाई कोर्ट ने साउथ गोवा कंज्यूमर कमीशन द्वारा जारी बेलेबल वारंट पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने माना कि कमीशन ने कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट के तहत अपनी शक्तियों का अतिक्रमण किया। इस फैसले से ओला इलेक्ट्रिक के सीईओ भाविश अग्रवाल को तत्काल राहत मिली और कंपनी के शेयर में तेजी लौटी।”
भाविश अग्रवाल को बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत, गिरफ्तारी रुकी
बॉम्बे हाई कोर्ट ने ओला इलेक्ट्रिक के फाउंडर और सीईओ भाविश अग्रवाल के खिलाफ जारी बेलेबल गिरफ्तारी वारंट पर तत्काल रोक लगा दी है। यह वारंट साउथ गोवा जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग द्वारा जारी किया गया था, जिसमें अग्रवाल को एक उपभोक्ता शिकायत में व्यक्तिगत रूप से पेश न होने के कारण समन किया गया था।
कोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना कि उपभोक्ता आयोग ने कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 2019 के प्रावधानों के बाहर जाकर वारंट जारी किया, जो उसकी क्षेत्राधिकार सीमा से परे था। बॉम्बे हाई कोर्ट (गोवा बेंच) ने वारंट को स्टे करते हुए आयोग को नोटिस जारी किया और मामले की आगे सुनवाई तय की। इस फैसले से अग्रवाल की व्यक्तिगत गिरफ्तारी की आशंका समाप्त हो गई है, हालांकि मूल उपभोक्ता मामला जारी रहेगा।
मामला एक गोवा निवासी उपभोक्ता की शिकायत से जुड़ा है, जिसमें ओला एस1 प्रो सेकंड जेन स्कूटर को सर्विस सेंटर में जमा करने के बाद वापस न मिलने का आरोप था। शिकायत 2024 से चल रही है और आयोग ने अग्रवाल को व्यक्तिगत उपस्थिति के लिए कई नोटिस जारी किए थे। नोटिस मिलने के बावजूद पेश न होने पर आयोग ने ₹1.47 लाख की राशि के साथ बेलेबल वारंट जारी किया और बेंगलुरु पुलिस को निर्देश दिया कि 23 फरवरी को अग्रवाल को मार्गाव में पेश किया जाए।
ओला इलेक्ट्रिक ने स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया कि हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आयोग ने कानून के दायरे से बाहर जाकर कार्रवाई की। कंपनी ने निवेशकों से इस तथ्यात्मक स्थिति पर ध्यान देने की अपील की, जिससे बाजार में अनिश्चितता कम हुई।
इस राहत के बाद ओला इलेक्ट्रिक के शेयर में तेज रिकवरी देखी गई। बुधवार को शेयर 5% तक चढ़कर इंट्राडे हाई ₹29.35 पर पहुंचा। इससे पहले चार सत्रों में शेयर 11% गिरकर लाइफटाइम लो ₹27.36 तक पहुंच गया था। हालांकि, दिन के अंत में कुछ लाभ कम होकर शेयर ₹28.8 के आसपास बंद हुआ। यह उछाल मुख्य रूप से लो-लेवल खरीदारी और कानूनी अनिश्चितता हटने से आया।
ओला इलेक्ट्रिक पिछले कुछ महीनों से चुनौतियों का सामना कर रही है। कंपनी का मार्केट शेयर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में घटा है, राजस्व में गिरावट आई है और हालिया तिमाही नतीजों में घाटा बढ़ा। ब्रोकरेज हाउस ने टारगेट प्राइस में कटौती की, जैसे सिटी ने 51% कटौती कर ₹27 तक लक्ष्य रखा। फिर भी, यह कानूनी राहत निवेशकों के बीच सेंटीमेंट सुधारने वाली खबर साबित हुई।
मुख्य बिंदु:
वारंट का आधार : उपभोक्ता शिकायत में स्कूटर न लौटाने का आरोप; अग्रवाल की अनुपस्थिति पर कार्रवाई।
कोर्ट का अवलोकन : आयोग ने क्षेत्राधिकार का अतिक्रमण किया; वारंट स्टे।
शेयर प्रभाव : 5% उछाल (₹29.35 हाई), चार सत्रों की गिरावट टूटी।
कंपनी स्थिति : मूल मामला जारी; नेतृत्व पर कोई स्थायी प्रभाव नहीं।
बाजार संदर्भ : ओला इलेक्ट्रिक का हालिया प्रदर्शन कमजोर, लेकिन यह खबर सकारात्मक ट्रिगर बनी।
Disclaimer : यह खबर उपलब्ध जानकारी और बाजार रुझानों पर आधारित है। निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।