“भारत के सबसे गरीब राज्यों की सूची में अरुणाचल प्रदेश सबसे निचले पायदान पर है, जबकि बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और मणिपुर जैसे राज्य प्रति व्यक्ति आय में सबसे पीछे हैं। 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, इन राज्यों में आर्थिक असमानता गहरी है, जहां राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे आय स्तर बने हुए हैं। UP बड़े आकार के बावजूद प्रति व्यक्ति आय में कमजोर प्रदर्शन कर रहा है।”
भारत के 5 सबसे गरीब राज्य: प्रति व्यक्ति आय के आधार पर रैंकिंग
भारत में आर्थिक विकास की गति राज्यों के बीच असमान बनी हुई है। RBI के हैंडबुक ऑफ स्टैटिस्टिक्स ऑन इंडियन स्टेट्स और अन्य हालिया आंकड़ों के मुताबिक, प्रति व्यक्ति नेट स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट (NSDP) के आधार पर सबसे गरीब राज्य मुख्य रूप से पूर्वी और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में हैं। यहां छोटे राज्यों की अर्थव्यवस्था आकार में छोटी होने के कारण GSDP कम है, लेकिन प्रति व्यक्ति आय गरीबी का सही संकेतक है।
राष्ट्रीय औसत प्रति व्यक्ति आय लगभग 2 लाख रुपये से ऊपर पहुंच चुकी है, लेकिन नीचे दिए गए राज्य इससे काफी पीछे हैं।
बिहार — प्रति व्यक्ति आय सबसे कम बिहार लगातार देश का सबसे गरीब राज्य बना हुआ है। 2024-25 में इसकी प्रति व्यक्ति NSDP मात्र 69,321 रुपये रही, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग एक-तिहाई है। राज्य की बड़ी आबादी, कृषि पर निर्भरता और औद्योगिक विकास की कमी मुख्य कारण हैं। हाल के वर्षों में विकास दर अच्छी रही है, लेकिन आधार कम होने से आय स्तर नीचे है। बहुआयामी गरीबी सूचकांक में भी बिहार 33% से अधिक गरीबी दर के साथ शीर्ष पर है।
उत्तर प्रदेश — बड़ा राज्य, लेकिन आय में कमजोर उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था आकार में बड़ी है (NSDP करीब 26 लाख करोड़ रुपये), लेकिन प्रति व्यक्ति आय मात्र 1,08,572 रुपये है। बड़ी जनसंख्या (देश की सबसे ज्यादा) आय को बांट देती है। राज्य में पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में गरीबी ज्यादा है। यूपी ने हाल में इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश में तेजी दिखाई है, लेकिन प्रति व्यक्ति स्तर पर सुधार धीमा है। यह ‘जलवा’ बड़े GSDP का है, लेकिन आम आदमी की जेब में कम पहुंचता है।
झारखंड झारखंड की प्रति व्यक्ति आय 1,28,252 रुपये (2024-25 अनुमान) के आसपास है। खनिज संसाधनों से भरपूर होने के बावजूद आदिवासी बहुल क्षेत्रों में विकास नहीं पहुंच पाया। ग्रामीण बेरोजगारी और औद्योगिक पिछड़ापन मुख्य चुनौतियां हैं। बहुआयामी गरीबी में यह दूसरे नंबर पर है।
मणिपुर उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर प्रति व्यक्ति आय में 1,34,076 रुपये के साथ नीचे है। पहाड़ी इलाके, सीमित कनेक्टिविटी और राजनीतिक अस्थिरता विकास को प्रभावित करती है। कृषि और छोटे उद्योग मुख्य आधार हैं।
अरुणाचल प्रदेश — कुल अर्थव्यवस्था में सबसे नीचे अरुणाचल प्रदेश की कुल GSDP मात्र 4,423 करोड़ रुपये है, जो देश में सबसे कम है। प्रति व्यक्ति आय हालांकि 2 लाख के आसपास (लगभग 2,46,813 रुपये कुछ पुराने डेटा में) दिखती है, लेकिन छोटी आबादी और भौगोलिक चुनौतियां इसे कुल आर्थिक आकार में सबसे गरीब बनाती हैं। राज्य में पर्यटन और हाइड्रो पावर की क्षमता है, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी बाधा है।
प्रमुख तुलनात्मक आंकड़े (2024-25 अनुमानित, वर्तमान मूल्य पर)
| क्रमांक | राज्य | प्रति व्यक्ति NSDP (₹) | राष्ट्रीय औसत से % कम | मुख्य कारण |
|---|---|---|---|---|
| 1 | बिहार | 69,321 | ~65% | बड़ी आबादी, कम औद्योगिकीकरण |
| 2 | उत्तर प्रदेश | 1,08,572 | ~45-50% | जनसंख्या दबाव, क्षेत्रीय असमानता |
| 3 | झारखंड | 1,28,252 | ~35-40% | आदिवासी क्षेत्रों में पिछड़ापन |
| 4 | मणिपुर | 1,34,076 | ~30-35% | भौगोलिक अलगाव, अस्थिरता |
| 5 | अरुणाचल प्रदेश | ~2,00,000+ (लेकिन कुल GSDP सबसे कम) | छोटा आकार | सीमित संसाधन उपयोग |
ये राज्य केंद्र की योजनाओं जैसे PM Awas, उज्ज्वला, जल जीवन मिशन से लाभान्वित हो रहे हैं, जिससे गरीबी दर में कमी आई है। उत्तर प्रदेश और बिहार में तेज गिरावट दर्ज हुई है। फिर भी, औद्योगिक निवेश, स्किल डेवलपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस बढ़ाने की जरूरत है। दक्षिणी राज्य जैसे कर्नाटक, तेलंगाना (3 लाख+ प्रति व्यक्ति) से तुलना में असमानता साफ दिखती है।
Disclaimer: यह लेख विभिन्न सार्वजनिक आर्थिक सर्वेक्षणों और रिपोर्ट्स पर आधारित है। आंकड़े अनुमानित हैं और समय के साथ बदल सकते हैं। निवेश या नीति निर्णय के लिए आधिकारिक स्रोतों से सत्यापन करें।