पिछले 3 साल में सिल्वर ETF ने औसतन 55-57% CAGR रिटर्न दिए हैं, जहां HDFC Silver ETF FoF ने सबसे ऊपर प्रदर्शन किया है। न्यूनतम 100 रुपये से SIP शुरू कर चांदी में निवेश संभव, लेकिन वोलेटिलिटी और ग्लोबल फैक्टर्स पर नजर रखें। ICICI Pru और Nippon India भी करीब-करीब समान रिटर्न के साथ मजबूत विकल्प बने हुए हैं।
टॉप सिल्वर ETF: 3 साल का सबसे बेहतर प्रदर्शन
भारतीय बाजार में सिल्वर ETF ने पिछले तीन वर्षों में शानदार रिटर्न दिए हैं, खासकर 2023 से 2026 तक चांदी की कीमतों में तेज उछाल के कारण। चांदी अब सिर्फ ज्वेलरी नहीं, बल्कि इंडस्ट्रियल डिमांड (सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स, EV) से भी मजबूत हो रही है।
सिल्वर ETF में निवेश करने का सबसे आसान तरीका है डायरेक्ट ETF या FoF (Fund of Funds) के जरिए, जहां न्यूनतम निवेश सिर्फ 100 रुपये से शुरू हो जाता है। ये स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होते हैं या म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म से SIP के रूप में खरीदे जा सकते हैं।
यहां प्रमुख सिल्वर ETF/FoF के 3 साल के रिटर्न (CAGR आधार पर, फरवरी 2026 तक के आंकड़ों से):
HDFC Silver ETF FoF: लगभग 57% CAGR – यह फंड सबसे टॉप पर रहा, कम एक्सपेंस रेशियो (0.23%) और अच्छी ट्रैकिंग के साथ।
Axis Silver ETF FoF: करीब 57% के आसपास, मजबूत प्रदर्शन लेकिन थोड़ा छोटा AUM।
ICICI Prudential Silver ETF FoF: 56.9% CAGR – सबसे बड़ा AUM (8000+ करोड़), लोएस्ट एक्सपेंस रेशियो (0.12%) के साथ निवेशकों का पसंदीदा।
Nippon India Silver ETF FoF: 56.8% CAGR – सबसे बड़ा डायरेक्ट सिल्वर ETF (35,000+ करोड़ AUM), हाई लिक्विडिटी और कम ट्रैकिंग एरर।
Aditya Birla SL Silver ETF FoF: 56.6% के आसपास, स्थिर लेकिन थोड़ा पीछे।
डायरेक्ट सिल्वर ETF (जैसे Nippon India Silver ETF – SILVERBEES, ICICI Pru Silver ETF, HDFC Silver ETF) ने भी 3 साल में 170-172% कुल रिटर्न दिए हैं, जो CAGR में 55-57% के बीच आता है। ये फिजिकल सिल्वर की कीमत को ट्रैक करते हैं, जिसमें एक्सपेंस रेशियो 0.4-0.56% तक रहता है।
क्यों चमका सिल्वर ETF? मुख्य कारण
चांदी की कीमतों में 2023-2026 के बीच 170%+ उछाल, इंडस्ट्रियल यूज (सोलर पैनल, 5G, EV बैटरी) से डिमांड बढ़ी।
गोल्ड की तुलना में सिल्वर का गोल्ड-सिल्वर रेशियो सुधारने से निवेश आकर्षण बढ़ा।
ETF फॉर्मेट में कोई स्टोरेज कॉस्ट नहीं, आसान खरीद-बिक्री, डीमैट अकाउंट से ट्रेडिंग।
FoF ऑप्शन से SIP आसान, टैक्सेशन में LTCG (3 साल बाद 12.5% बिना इंडेक्सेशन) फायदेमंद।
कौन सा चुनें? तुलनात्मक टेबल
निवेश टिप्स
SIP से शुरू करें, क्योंकि सिल्वर वोलेटाइल है – औसत कॉस्टिंग से फायदा।
5-10% पोर्टफोलियो में अलॉट करें, डाइवर्सिफिकेशन के लिए।
ग्लोबल इकोनॉमिक स्लोडाउन या इंडस्ट्रियल डिमांड घटने पर कीमतें गिर सकती हैं।
ट्रैकिंग एरर चेक करें – कम एरर वाले फंड (जैसे ICICI Pru, Nippon) बेहतर।
टैक्स: 3 साल से ज्यादा होल्डिंग पर LTCG 12.5% (नया रूल)।
| फंड नाम | प्रकार | 3 साल CAGR (लगभग) | AUM (करोड़ में) | एक्सपेंस रेशियो | न्यूनतम निवेश | खासियत |
|---|---|---|---|---|---|---|
| HDFC Silver ETF FoF | FoF | 57.0% | 5,800+ | 0.23% | 100 रुपये | टॉप रिटर्न, कम कॉस्ट |
| ICICI Pru Silver ETF FoF | FoF | 56.9% | 8,000+ | 0.12% | 100 रुपये | सबसे बड़ा AUM, लो कॉस्ट |
| Nippon India Silver ETF | डायरेक्ट ETF | 56-57% | 35,000+ | 0.56% | 100 रुपये | हाई लिक्विडिटी, बाजार लीडर |
| SBI Silver ETF | डायरेक्ट ETF | 55-56% | 6,700+ | 0.40% | 100 रुपये | अच्छी ट्रैकिंग |
| Kotak Silver ETF | डायरेक्ट ETF | 56% | 2,500+ | 0.45% | 100 रुपये | बैलेंस्ड परफॉर्मेंस |
सिल्वर ETF ने पिछले 3 साल में निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न दिए हैं, लेकिन भविष्य में रिटर्न पिछले परफॉर्मेंस पर निर्भर नहीं। मार्केट ट्रेंड्स और पर्सनल रिस्क प्रोफाइल के आधार पर फैसला लें।
Disclaimer: यह न्यूज और एनालिसिस आधारित जानकारी है। निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें। मार्केट रिस्क शामिल है।