“ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमलों से मिडिल ईस्ट में युद्ध तेज हो गया है। ईरान ने इजराइल और गल्फ देशों में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं। इस भू-राजनीतिक तनाव से वैश्विक रक्षा क्षेत्र में मांग बढ़ रही है, जिसका सीधा लाभ भारतीय सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोमवार को बाजार खुलते ही HAL सहित रक्षा शेयरों में तेजी आ सकती है।”
ईरान-इजराइल युद्ध से सरकारी कंपनी को बड़ा मुनाफा, सोमवार रॉकेट बन सकते हैं शेयर
ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों ने मिडिल ईस्ट को युद्ध की आग में झोंक दिया है। शनिवार रात शुरू हुए इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई, जिसकी पुष्टि ईरानी राज्य मीडिया ने की। इसके जवाब में ईरान ने रविवार को इजराइल के साथ-साथ दुबई, दोहा, मनामा जैसे गल्फ शहरों में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 27 अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है।
इस युद्ध ने वैश्विक स्तर पर रक्षा उत्पादों की मांग बढ़ा दी है। अमेरिकी रक्षा कंपनियों के शेयरों में पहले से तेजी आई है, और अब भारतीय रक्षा क्षेत्र पर नजरें टिकी हैं। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), जो भारत की प्रमुख सरकारी एयरोस्पेस और डिफेंस कंपनी है, इस स्थिति से सबसे ज्यादा लाभान्वित हो सकती है। HAL तेजस फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर और मिसाइल सिस्टम जैसे उत्पाद बनाती है, जिनकी मांग भू-राजनीतिक अस्थिरता में बढ़ जाती है।
विश्लेषकों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में रक्षा शेयरों में उतार-चढ़ाव देखा गया था, लेकिन अब युद्ध के तेज होने से HAL के शेयर सोमवार को मजबूत ओपनिंग के साथ रॉकेट की तरह उड़ान भर सकते हैं। HAL की मार्केट कैप पहले से ही मजबूत है और कंपनी के पास बड़े ऑर्डर बुक हैं, जिसमें भारतीय वायुसेना के लिए लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर शामिल हैं। ऐसे में वैश्विक तनाव से भारत की ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर रक्षा नीति को और बल मिलेगा, जिससे HAL को नए निर्यात ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ेगी।
HAL के अलावा अन्य रक्षा कंपनियां जैसे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) भी फायदे में रह सकती हैं। BEL रडार और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम बनाती है, जबकि BDL मिसाइल सिस्टम पर फोकस करती है। पिछले कुछ हफ्तों में इजराइल से संभावित डिफेंस डील की खबरों से इन शेयरों में तेजी आई थी, और अब युद्ध से यह ट्रेंड और मजबूत हो सकता है।
हालांकि, बाजार में कुल मिलाकर अनिश्चितता है। कच्चे तेल की कीमतें पहले से ही बढ़ रही हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव डाल सकती हैं और शेयर बाजार में गिरावट ला सकती हैं। लेकिन रक्षा क्षेत्र अलग थलग रहता है, क्योंकि युद्ध जैसी स्थितियां इसमें निवेशकों को आकर्षित करती हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि HAL के शेयर में 5-10% तक की तेजी संभव है, बशर्ते युद्ध और बढ़े नहीं।
HAL की मजबूत स्थिति इस बात से भी साफ है कि कंपनी भारतीय सेना की रीढ़ है। तेजस एमके-1ए के बड़े ऑर्डर, ALH ध्रुव हेलीकॉप्टर और प्रोजेक्ट जैसे काम कंपनी को स्थिर ग्रोथ देते हैं। युद्ध से वैश्विक स्तर पर भारत की रक्षा क्षमता पर ध्यान जाएगा, जो HAL के लिए लंबे समय में फायदेमंद साबित हो सकता है।
निवेशकों को सलाह है कि बाजार खुलने पर HAL के शेयर पर नजर रखें, लेकिन जोखिम को ध्यान में रखते हुए फैसला लें। यह युद्ध कितने समय तक चलेगा, यह तय करेगा कि रक्षा शेयरों की रैली कितनी लंबी होगी।
Disclaimer: यह न्यूज रिपोर्ट और विश्लेषण पर आधारित है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा है। कोई भी निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।