“अमेरिकी जनवरी CPI डेटा में मुद्रास्फीति 2.4% पर आकर ठहर गई है, जो उम्मीद से कम है, लेकिन मजबूत नौकरी डेटा और फेड की सतर्क नीति से गोल्ड और सिल्वर में गिरावट जारी रह सकती है। कॉमेक्स गोल्ड $5,000 के आसपास और सिल्वर $76-77 के स्तर पर दबाव में है, जबकि भारत में MCX गोल्ड ₹1.55 लाख और सिल्वर ₹2.37 लाख प्रति किलो के करीब ट्रेड कर रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि फेड रेट कट में देरी से कीमतें और नीचे जा सकती हैं।”
US आर्थिक संकेतकों से सोने-चांदी पर दबाव
अमेरिकी आर्थिक आंकड़े वर्तमान में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय कर रहे हैं। जनवरी 2026 के CPI डेटा में हेडलाइन इन्फ्लेशन 2.4% YoY पर आया, जो पिछले महीने के 2.7% से कम और उम्मीद से नीचे है। कोर CPI भी 2.5% पर पहुंचा, जो चार साल का निचला स्तर है। यह डेटा फेडरल रिजर्व के रेट कट की उम्मीदों को कुछ हद तक मजबूत करता है, लेकिन जनवरी में नॉनफार्म पेरोल्स में 130,000 नई नौकरियां जुड़ने और बेरोजगारी दर 4.3% पर आने से मजबूत इकोनॉमी का संकेत मिला है। इससे फेड की मार्च और अप्रैल मीटिंग में रेट्स स्थिर रखने की संभावना बढ़ गई है।
कॉमेक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स $5,000-$5,046 के बीच ट्रेड कर रहे हैं, जहां से हालिया गिरावट आई है। सिल्वर $76-$77.70 के स्तर पर है, जो पिछले हफ्ते की 11% की गिरावट के बाद भी दबाव में बना हुआ है। मजबूत डॉलर इंडेक्स (DXY 97 के करीब) और रेट कट में देरी से गैर-उपज वाले एसेट्स पर दबाव बढ़ा है।
भारतीय बाजार में MCX अप्रैल 2026 गोल्ड फ्यूचर्स ₹1,54,800-₹1,55,200 प्रति 10 ग्राम के आसपास है, जो हाल के हाई से करेक्शन दिखा रहा है। मार्च सिल्वर ₹2,36,000-₹2,40,000 प्रति किलो पर ट्रेड कर रहा है, जहां 3% से ज्यादा की गिरावट देखी गई। 24K गोल्ड ₹15,774 प्रति ग्राम और सिल्वर ₹2,74,900 प्रति किलो के स्तर पर है।
एक्सपर्ट्स की राय: गिरावट जारी रह सकती है
कई ग्लोबल और भारतीय एक्सपर्ट्स का मानना है कि निकट अवधि में गोल्ड और सिल्वर में और गिरावट आ सकती है। मजबूत US जॉब्स डेटा से फेड की हॉकिश स्टांस बनी हुई है, जिससे रेट कट जून तक टल सकता है। CPI में नरमी के बावजूद कोर इन्फ्लेशन स्टिकी बना हुआ है।
J.P. Morgan जैसे संस्थानों ने 2026 के लिए लॉन्ग-टर्म बुलिश आउटलुक दिए हैं (गोल्ड Q4 में $5,000+ और सिल्वर $81 औसत), लेकिन शॉर्ट-टर्म में वोलेटिलिटी और करेक्शन की उम्मीद जताई है। भारतीय बाजार में एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ₹1.53 लाख (गोल्ड) और ₹2.32-₹2.38 लाख (सिल्वर) सपोर्ट लेवल महत्वपूर्ण हैं। अगर ये टूटे तो और नीचे जा सकता है।
प्रमुख आंकड़ों का प्रभाव
CPI (जनवरी 2026) : 2.4% YoY (उम्मीद 2.5%), मंथली 0.2% (उम्मीद 0.3%) – रेट कट उम्मीद बढ़ी, लेकिन पर्याप्त नहीं।
NFP (जनवरी) : +130,000 जॉब्स – मजबूत लेबर मार्केट, फेड सतर्क।
फेड मीटिंग : मार्च में रेट्स 3.50%-3.75% पर स्थिर रहने की 90%+ संभावना।
आगामी डेटा : PCE इन्फ्लेशन, GDP, फेड मिनट्स – ये तय करेंगे अगली चाल।
कीमतों के प्रमुख स्तर
| धातु | कॉमेक्स/स्पॉट स्तर (USD/oz) | MCX स्तर (भारत) | सपोर्ट | रेजिस्टेंस |
|---|---|---|---|---|
| गोल्ड | $5,000-$5,046 | ₹1,54,800-₹1,55,200 प्रति 10g | $4,900 / ₹1,53,150 | $5,100 / ₹1,56,800 |
| सिल्वर | $76-$77.70 | ₹2,36,000-₹2,40,000 प्रति किलो | $74 / ₹2,32,000 | $80 / ₹2,49,000 |
एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि निवेशक इन स्तरों पर नजर रखें। अगर US डेटा और फेड कमेंट्री हॉकिश रही तो गिरावट गहरा सकती है, जबकि कोई सरप्राइज डोविश सिग्नल से रिकवरी हो सकती है। निकट अवधि में वोलेटिलिटी बनी रहेगी।
Disclaimer: यह न्यूज और मार्केट एनालिसिस आधारित रिपोर्ट है। निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।